सिर :-
नेत्र :-
कर्ण :-
नासिका :- अस्थि विवर्धन।
चेहरा :-
मुख :- हन्वास्थियों की कठोर सूजन।
जिह्वा एवं स्वाद :- जिह्वा की जीर्ण सूजन। जिह्वा, फटी हुई।
दांत एवं मसूढ़े :- दन्त वल्काल्पता। मसूढ़ा, कठोर, सूजा हुआ।
कण्ठ :-
पाचन प्रणाली :-
उदर एवं मल :-
मूत्र सम्बन्धी लक्षण :- मूत्र, तीखा।
नारी रोग लक्षण :- खिंचाव की अनुभूति। जरायु भ्रंश। स्तनों में गांठें।
श्वास प्रणाली :- बलगम, पिण्डीभूत।
हृदय :- धमनी विस्फार। हृत्विवर्धन।
पृष्ठ एवं वाह्यांग :- उंगलियों की सन्धियों का विवर्धन। कटि वेदना । ग्रन्थियां, कठोर। गण्डिका। थकान की अनुभूति। पीठ में दर्द। सन्धियों की कड़कड़ाहट।
स्नायु प्रणाली :-
नींद एवं स्वप्न :-
ज्वर लक्षण :-
चर्म :- त्वचा, दरार युक्त। विदर। होंठ फटे हुए।
उत्तक :- गुल्मोत्पत्ति। शिरा व्रण ग्रस्त और / या विवर्धित।
रुपात्मकतायें :- वृद्धि :-
ह्वास :-
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