नासिका :-
नेट्रम म्यूर:- गन्ध का लोप। जुकाम, बहता हुआ। नकसीर खांसने या झुकने से। प्रतिश्याय के साथ गन्ध का लोप। पृष्ठ नासारन्ध्र शुष्क। फुन्सियां, नाक पर। श्राव, पिण्डीभूत, स्वच्छ। सुन्नपन महसूस होता है, एक ओर।
नेट्रम सल्फ :- नथुनों के अन्दर की खुजली। नाक के अन्दर जलन। श्लैष्मिक ज्वर।
साईलीसिया :- श्राव, तीखा और/ या संक्षारक।
कैल्केरिया फ्लोर :- अस्थि विवर्धन।
फेरम फास :- रक्त श्राव। सर्दी ज़ुकाम।
कैल्केरिया फास :- नथुने दुखनशील। सर्दी ज़ुकाम की प्रवृत्ति।
काली फास :- पृष्ठ नासा रंध्रों से खंखारना। श्राव दुर्गन्धित।
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