नारी रोग लक्षण :-
नेट्रम म्यूर:- आर्तव श्राव के साथ विषाद। आर्तव श्राव विपुल मात्रा में, विलम्बित। खुजली, वाह्य जननांगों की। गर्भाशय के अन्दर जलन। प्रदर श्राव, पनीला, चुभन और / या क्षोभण पैदा करने वाला । श्वसनिकाशोथ जीर्ण।
मैग फास:- आर्तव श्राव रेशेदार। कष्टार्तव, झिल्ली परक।
काली फास :- आर्तव श्राव अनियमित, तीव्र गन्ध वाला एवं समय से पूर्व। वातोन्मादी लक्षण।
कैल्केरिया फास :- आर्तव श्राव के साथ आमवाती दर्द। आर्तव श्राव, प्रत्येक दूसरे सप्ताह। प्रदर श्राव श्लैष्मिक। स्तन बढ़े हुए।
स्तनों में जलन।
काली फास :- आर्तव श्राव अनियमित, तीव्र गन्ध वाला एवं समय से पूर्व। वातोन्मादी लक्षण।
फेरम फास :- आर्तव श्राव, चमकता हुआ लाल। आर्तव श्राव, प्रत्येक तीसरे सप्ताह। सगर्भ कालीन मितली और वमन।
कैल्केरिया फ्लोर :- खिंचाव की अनुभूति। जरायु भ्रंश। स्तनों में गांठें।
साईलीसिया :- चुचुक फटे हुए। प्रदर श्राव तीखा और / या विपुल मात्रा में। सम्वेदनशील अंग।
कैल्केरिया सल्फ :- आर्तव श्राव के साथ दुर्बलता। आर्तव श्राव चिरकाल तक गतिशील।
काली म्यूर :- आर्तव श्राव काला, थक्केदार, अविराम। प्रदर श्राव गाढ़ा एवं दुधिया ।
नेट्रम सल्फ :- आर्तव श्राव के साथ अतिसार और / या मलबद्धता और/ या नकसीर। आर्तव श्राव संक्षारक।
नेट्रम फास :- आर्तव श्राव के साथ उत्तेजना। आर्तव श्राव तीखा, पीला। प्रदर श्राव, अम्लज। जरायु की स्थान च्युति।
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