नेट्रम म्यूर:-अलि जिह्वा ढ़ीली, विवर्धित। कण्ठदाह जीर्ण। रुक्षता।
मैग फास :- अनुभूति, दमघुुटने की। सिकुड़न उद्वेष्टकर।
काली म्यूर :- कण्ठ दाह और / या व्रणग्रस्तता के साथ। ग्रन्थियों की सूजन। झिल्ली परक नि:श्राव।
साईलीसिया :- ग्रन्थियों से पूयश्राव।
फेरम फास :- कण्ठ शुष्क।
नेट्रम फास :- पृष्ठ नासारन्ध्रों का गिरना।
कैल्केरिया फास :- कण्ठ दाह ढ़ीला। वक्ताओं का कण्ठ।
काली फास :- निगरण की अविराम इच्छा। स्वर यन्त्र का पक्षाघात।
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