शुक्रवार, 14 जुलाई 2023

रुपात्मकतायें :- ह्वास :-

रुपात्मकतायें :- ह्वास :- 

कैल्केरिया फास :- :- नीचे लेटने से।

नेट्रम म्यूर :- सायं काल में।

काली म्यूर :- नहाने से।

मैग फास :- दूध से। दोहरा होने से। धैर्य बंधाने से। मसलने से।

काली फास :- खाना खाने से। धीरे धीरे चलने से। साथ रहने से। हवा की डकारों से। हर्षोत्फुल उत्तेजना से।

साईलीसिया :- चलते रहने से, निरन्तर। नभ ताप से।

काली सल्फ :- ठण्ढ़ी हवा में।

नेट्रम सल्फ :- जलवायु परिवर्तन से। तप्त शुष्क जलवायु से।

रुपात्मकतायें :- वृद्धि :-

रुपात्मकतायें :-  वृद्धि :- 

कैल्केरिया फास :- जलवायु परिवर्तन से। रोग के बारे में सोचने से।

नेट्रम म्यूर :- कुनीन के सेवन से। स्टार्च युक्त आहार से।

नेट्रम फास :- मछली खाने से।

काली म्यूर :- वसाहार लेने से।

मैग फास :- दायीं ओर। लेटने से।

काली फास :- निरन्तर व्यायाम करने से। प्रबल आयास करने से। पूर्ण विश्राम द्वारा। बैठे रहने के बाद उठते हुए। शोरगुल से।

साईलीसिया :- अमावस्या और पूर्णिमा के दौरान। गीली वस्तुओं का उपयोग करने से। पैरों का पसीना दब जाने से। विस्फोट दब जाने से।

नेट्रम सल्फ :- आर्द्र बरसाती मौसम में और पानी से। नहाने से।


उत्तक :-

उत्तक :- 

फेरम फास :- घाव । मोच।

कैल्केरिया फास :- शोथ। श्राव अन्नसार युक्त। क्षयकारी रोग।

नेट्रम म्यूर :-  श्राव, पनीले।

नेट्रम फास :- श्राव शहद के रंग जैसे।

काली म्यूर :- नील। फफोले, वाष्प दाह।

काली फास :- दुर्गन्धित श्राव। 

कैल्केरिया फ्लोर :- गुल्मोत्पत्ति। शिरा व्रण ग्रस्त और / या विवर्धित। 

कैल्केरिया सल्फ :- गलका। 

काली सल्फ :- अल्प रक्तता, शिशुओं में।

चर्म :-

चर्म :- 

नेट्रम म्यूर :- कीट दंश। जीर्ण चर्मरोग। दरारें, पैरों की उंगलियों के मध्य। दाढ़ी के बाल झड़ते हैं। 

काली म्यूर :- छाजन, टीका दोष मूलक। पादशोथ। होठों का कैंसर।

कैल्केरिया फास :- त्वचा, चित्तीदार और / या झुर्रीदार। 

मैग फास :- उस्तरे के उद्भेद।

काली फास :- रेंगने की अनुभूति। श्राव क्षोभण पैदा करने वाला।

कैल्केरिया फ्लोर :- त्वचा, दरार युक्त। विदर। होंठ फटे हुए। 

साईलीसिया :-  ताम्र वर्ण धब्बे।

काली सल्फ :- सिरौचे की विषण्णता।

नेट्रम सल्फ :- त्वचा, पाण्डुवर्ण। शोथ। 




ज्वर लक्षण :-

ज्वर लक्षण :- 

नेट्रम म्यूर :- कम्पकम्पी, प्रातः कालीन। सविरामी ज्वर।

नेट्रम फास :- पसीना, खट्टे गन्ध वाला। पैर ठण्ढ़े।

काली फास :- आन्त्रिक ज्वर। प्रमस्तिष्कीय ज्वर। पसीना विपुल।

फेरम फास :-  रक्त ज्वर।

साईलीसिया :- परागज ज्वर।

कैल्केरिया सल्फ :- प्रलेपक ज्वर।

काली सल्फ :- पसीना, ठण्ढ़ा। 

नेट्रम सल्फ :- पीत ज्वर। श्लैष्मिक ज्वर।

नींद एवं स्वप्न :-

नींद एवं स्वप्न :- 

नेट्रम म्यूर :- नींद अत्यधिक एवं स्फूर्ति हीन। स्वप्न, अधीर, मानसिक श्रम करने के।

नेट्रम फास :- :- स्वप्न, मृतकों के और / या सम्भोग के।

कैल्केरिया फास :- तन्द्राभाव, वयोवृद्ध जनों में। निद्रावस्था में रोता है। निद्रावस्था से जगाना कठिन।

काली फास :-  :- रोते रोते जागता है। स्वप्न, कामोत्तेजक और /या गिरने के।

साईलीसिया :-  स्वप्न, पशुओं का और/ या रुग्णता के।

काली सल्फ :- स्वप्न, सुस्पष्ट।

नेट्रम सल्फ :- आध्मान युक्त पीड़ा से नींद टूट जाती है। तन्द्रा भाव। स्वप्न, झगड़ने के। 

गुरुवार, 13 जुलाई 2023

स्नायु प्रणाली :-

स्नायु प्रणाली :- 

नेट्रम फास :- चाल लड़खड़ाती हुई। तंत्रिका शूल, अन्तरापर्शुक।

कैल्केरिया फास :- रेंगने की अनुभूति। 

मैग फास :-  मद्य विषण्णता। स्फुरण।

काली फास :- दुर्बलता। निशा भीति। विसर्पी पक्षाघात। गेंद की अनुभूति। भय। शिशु अंगाघात। स्नायविकता।

फेरम फास :-  तंत्रिका शूल, रक्त संकुलन।

साईलीसिया :- तंत्रिका शूल, जीर्ण। 

पृष्ठ एवं वाह्यांग :-


पृष्ठ एवं वाह्यांग :-

नेट्रम म्यूर :- अंग सो जाते हैं। ग्रीवा, कृश। दुर्बलता, सर्वांगीण। पीठ, ठण्ढ़ी। पृष्ठ वेदना, पीठ के बल लेटने से हल्की। शोफ। 

नेट्रम फास :- कसक, कलाईयों में। गठिया, जीर्ण। घुटनों में दर्द। जानु पृष्ठ कण्डराओं में दुखन। टखने दुर्बल। दर्द का प्रसार हृदय की ओर। भुजाएं, थकी हुई। हाथ अकड़ जाते हैं।

काली म्यूर :- ग्रन्थियां सूजी हुई। तुषार दंश। पाद शोथ। पैरों में सूजन। 

कैल्केरिया फास :- 
अंगों की शीतलता। कसक अंगों की। गठिया आमवाती। चलना देर से सीखता है। दर्द, प्रजंघिकास्थि में। धनुष्पद। नखमूलों पर पीड़ा। हाथ सो जाते हैं। 

काली फास :- अंगों में खुजली। कसक दोनों कन्धों के मध्य। दर्द, गोली लगने जैसा। नितम्ब उत्पीड़क। पक्षाघाती खंजता। पृष्ठ वेदना, प्रातः कालीन वृद्धि। पैरों की स्वचल गति। मांस पेशियों की दुर्बलता। सहज ही ठोकर खाकर गिर पड़ता है।

फेरम फास :- आमवाती ज्वर, मांसपेशी परक। ग्रीवा अकड़ी हुई। दर्द, कन्धों में। हथेलियां गर्म।

कैल्केरिया फ्लोर :- उंगलियों की सन्धियों का विवर्धन। कटि वेदना । ग्रन्थियां, कठोर। गण्डिका। थकान की अनुभूति। पीठ में दर्द। सन्धियों की कड़कड़ाहट। 

साईलीसिया :-  अन्य: नवोत्पत्ति। गुदास्थि, उत्पीड़क। टखनों में दर्द। दर्द, पैरों के माध्यम से। नाखून, फटे हुए। पैरों में दुखन। भुजाएं, भारी। मेरुदंड अति सम्वेदनशील।

कैल्केरिया सल्फ :- पद तलों में जलन और खुजली। पैरों की जलन।
काली सल्फ :- - दर्द चलायमान। पृष्ठ वेदना सायं कालीन वृद्धि।




हृदय :-

हृदय :- 

नेट्रम म्यूर :- अतिवृद्धि। नाड़ी, तीव्र, सर्वत्र अनुभूत।‍ सिकुुड़न।

कैल्केरिया फास :- श्वास लेते समय दर्द, हृदय में।

काली फास :- धड़कन। संचार मन्द।

फेरम फास :- नाड़ी सर्वत्र उछलती हुई। हृत शोथ।

कैल्केरिया फ्लोर :- धमनी विस्फार। हृत्विवर्धन। 

साईलीसिया :- जीर्ण हृदय रोग। 



श्वास प्रणाली :-

श्वास प्रणाली :- 

नेट्रम फास :- वक्ष में उत्ताप की अनुभूति।

काली म्यूर :- खांसी, ऊंची ध्वनि करती हुई एवं क्रुप मूलक। 

कैल्केरिया फास:-खांसी, दमघोंटनेवाली। 

मैग फास :- खांसी, आक्षेपी, उद्वेष्टकर और / या स्नायविक । काली खांसी। वक्ष आकुंचनशील।

नेट्रम म्यूर :- बलगम झागदार, पनीला। श्वसनिकाशोथ जीर्ण।

काली फास :- बलगम नमकीन। 

फेरम फास :- खांसी उग्र, कठोर, गुदगुदाहट के साथ, शुष्क, रुक रुक कर होने वाली। फुस्फुसीय रक्त संकुलन। वक्ष में जलन। श्वास रोध।

कैल्केरिया फ्लोर :- बलगम, पिण्डीभूत। 

साईलीसिया :- बलगम, अत्यधिक और / या दुर्गन्धित।

काली सल्फ :- क्रुप मूलक कर्कशता। खांसी, बलगम की खड़खड़ाहट के साथ और / या सायंकालीन। बलगम, चिपचिपा। बलगम, विपुल मात्रा में। वक्ष के अन्दर श्लैष्मिक खड़खड़ाहट। श्वसनिका शोथ, के साथ पीला बलगम।

नेट्रम सल्फ :- बलगम रस्सी जैसा गठा हुआ। 





नारी रोग लक्षण :-


नारी रोग लक्षण :- 
नेट्रम म्यूर:- आर्तव श्राव के साथ विषाद। आर्तव श्राव विपुल मात्रा में, विलम्बित। खुजली, वाह्य जननांगों की। गर्भाशय के अन्दर जलन। प्रदर श्राव, पनीला, चुभन और / या क्षोभण पैदा करने वाला । श्वसनिकाशोथ जीर्ण।

मैग फास:- आर्तव श्राव रेशेदार। कष्टार्तव, झिल्ली परक।

काली फास :- आर्तव श्राव अनियमित, तीव्र गन्ध वाला एवं समय से पूर्व। वातोन्मादी लक्षण।

कैल्केरिया फास :- आर्तव श्राव के साथ आमवाती दर्द। आर्तव श्राव, प्रत्येक दूसरे सप्ताह। प्रदर श्राव श्लैष्मिक। स्तन बढ़े हुए।
स्तनों में जलन।

काली फास :- आर्तव श्राव अनियमित, तीव्र गन्ध वाला एवं समय से पूर्व। वातोन्मादी लक्षण।

फेरम फास :- आर्तव श्राव, चमकता हुआ लाल। आर्तव श्राव, प्रत्येक तीसरे सप्ताह। सगर्भ कालीन मितली और वमन।

कैल्केरिया फ्लोर :- खिंचाव की अनुभूति। जरायु भ्रंश। स्तनों में गांठें। 

साईलीसिया :- चुचुक फटे हुए। प्रदर श्राव तीखा और / या विपुल मात्रा में। सम्वेदनशील अंग।

कैल्केरिया सल्फ :- आर्तव श्राव के साथ दुर्बलता। आर्तव श्राव चिरकाल तक गतिशील। 

काली म्यूर :- आर्तव श्राव काला, थक्केदार, अविराम। प्रदर श्राव गाढ़ा एवं दुधिया ।

नेट्रम सल्फ :- आर्तव श्राव के साथ अतिसार और / या मलबद्धता और/ या नकसीर। आर्तव श्राव संक्षारक।

नेट्रम फास :- आर्तव श्राव के साथ उत्तेजना। आर्तव श्राव तीखा, पीला। प्रदर श्राव, अम्लज। जरायु की स्थान च्युति।

मूत्र सम्बन्धी लक्षण :-

मूत्र सम्बन्धी लक्षण :- 

नेट्रम म्यूर :- निरंकुश मूत्रता, खांसते समय।

मैग फास :- मूत्र, अवरुद्ध। 

काली फास :- रक्त श्राव मूत्रमार्ग से।

कैल्केरिया फास :- निरंकुश मूत्रता। बढ़ा हुआ मूत्र। मूत्राशय के अन्दर पथरी। 

फेरम फास :- मूत्र, दबा हुआ। 

कैल्केरिया फ्लोर :- मूत्र, तीखा। 

साईलीसिया :- मूत्र श्लेष्मा युक्त। 

काली म्यूर :- वृक्क प्रदाहित।

नेट्रम सल्फ :- मूत्र, ईंटे के चूरे जैसे तलछट सहित। मूत्र, पित्तात्मक, रेतीला। मूत्रोत्सर्जन करते समय जलन।

उदर एवं मल :-

उदर एवं मल :- 
नेट्रम म्यूर :- अतिसार, असंयत या निरंकुश। गुदा, विस्फोटों से घिरा हुआ। जलन और पीड़ा। मलबद्धता का अतिसार के साथ पर्यायक्रम। मलान्त्र के अन्दर सूचीबेधी अनुभूति। 

मैग फास :- उदर शूल। ऐंठन युक्त पीड़ा। पित्त शूल। मलबद्धता, छोटे बच्चों में। 

नेट्रम सल्फ :- अतिसार, आर्द्र जलवायु में, पित्तात्मक। उदर शूल, सीसा विषपरक। गुदा, मस्सों से घिरा हुआ। यकृत, दुखनशील एवं रक्त संकुल।

काली म्यूर :- मलबद्धता, विलेपित जिह्वा के साथ। यकृत, निष्क्रिय। 

काली सल्फ :- अतिसार, पीला और / या श्लैष्मिक। मलबद्धता की प्रवृत्ति।

कैल्केरिया सल्फ :- उदर ठण्ढ़ा प्रतीत होता है। गुदा, फोड़ों से घिरा हुआ। यकृत, उत्पीड़क। 

साईलीसिया :- गुदा विदरमय। 

फेरम फास :- अतिसार, अपचित भोजन के। अतिसार ठंड से।

नेट्रम फास :- अतिसार, हरा। कृमि विकार। गुदा की खुजली। 

कैल्केरिया फास :- अतिसार फलों से। उदर शूल, बच्चों का। उदर धंसा हुआ। गुदानाल व्रण। पित्ताश्म। मलबद्धता, वयोवृद्ध जनों में। सुखण्डी।

काली फास :- उदर एवं मल :- अतिसार दर्द हीन, दुर्गन्धित, भय से। उदर सूजा हुआ। 

पाचन प्रणाली :-

पाचन प्रणाली :-

नेट्रम म्यूर :- अरुचि, रोटी के प्रति। इच्छा, कड़वे पदार्थों की। वमन, काफी के बीजों जैसा, श्लैष्मिक। 
मैग फास :- अम्ल पदार्थों के प्रति सम्वेदनशील। इच्छा, चीनी की। ऊर्ध्व निक्षेप। मितली और वमन।
नेट्रम सल्फ :- आध्मान, यकृत की निष्क्रियता के साथ। पित्तात्मकता। वमन, पित्त। 
काली म्यूर :- अतिसार, वसाहार से। उदर, वेदनाशील।
काली सल्फ :- अरुचि, गर्म पेय पदार्थों के प्रति। अमाशय के अन्दर जलन। प्यास, न बुझने वाली। 
कैल्केरिया सल्फ :- इच्छा, फलों की और / या मद्यपान की। मितली और चक्कर।
साईलीसिया :- अत्यधिक भूख। अरुचि, गर्म भोजन के प्रति। वमन, स्तनपानोत्तर।
फेरम फास :- अरूचि, खट्टे खाद्यान्नों के प्रति, दूध के प्रति, मांस के प्रति। इच्छा उद्दीपक पदार्थों की। वमन नाश्ता करने से पहले।
नेट्रम फास :- अम्लता। वमन, अम्ल।
कैल्केरिया फास  :- आध्मान। इच्छा शूकर मांस की। वमन ठण्ढ़ा पानी पीने के बाद। वमन शिशु।
काली फास :- अरुचि, मिष्टान्न के प्रति। आध्मान हृदय की धड़कन के साथ।

कण्ठ :-

कण्ठ :-

नेट्रम म्यूर:-अलि जिह्वा ढ़ीली, विवर्धित। कण्ठदाह जीर्ण। रुक्षता।
मैग फास :- अनुभूति, दमघुुटने की। सिकुड़न उद्वेष्टकर।
काली म्यूर :- कण्ठ दाह और / या व्रणग्रस्तता के साथ। ग्रन्थियों की सूजन। झिल्ली परक नि:श्राव। 
साईलीसिया :-  ग्रन्थियों से पूयश्राव।
फेरम फास :- कण्ठ शुष्क।
नेट्रम फास :- पृष्ठ नासारन्ध्रों का गिरना।
कैल्केरिया फास :- कण्ठ दाह ढ़ीला। वक्ताओं का कण्ठ।
काली फास :- निगरण की अविराम इच्छा। स्वर यन्त्र का पक्षाघात।



दांत एवं मसूढ़े :-

दांत एवं मसूढ़े :-

नेट्रम म्यूर :- लार श्राव। 
मैग फास :- मसूढ़े स्पर्श के प्रति सम्वेदनशील।
कैल्केरिया सल्फ :- मसूढ़ों, के फोड़े से श्राव गतिशील।
साईलीसिया :- दन्त व्रण।
कैल्केरिया फ्लोर :- दन्त वल्काल्पता। मसूढ़ा, कठोर, सूजा हुआ।
नेट्रम फास :-  दांत करकराने की आदत, सुप्तावस्था में। 
कैल्केरिया फास :- दन्तोदगम कालीन व्याधियां। दन्तोपसर्ग, सगर्भ कालीन।
काली फास  :- - दन्त मल।

जिह्वा एवं स्वाद :-

जिह्वा एवं स्वाद :-
नेट्रम म्यूर :- जिह्वा, चित्र खचित, झागदार। स्वाद का लोप। 
मैग फास :- लाल और शुष्क जिह्वा। 
नेट्रम सल्फ :- जिह्वा, भूरी हरी। स्वाद, कड़वा।
काली म्यूर :- जिह्वा, भूरी श्वेत।
काली सल्फ :- जिह्वा, चिपचिपी। 
कैल्केरिया सल्फ :- जिह्वा, थुलथुली। स्वाद, खट्टा। 
फेरम फास :- जिह्वा लाल।
नेट्रम फास :- जिह्वा, कोमल, क्रीम जैसी। स्वाद, तीखा।
कैल्केरिया फास :- सुन्न।

मुख :-

मुख :- 

नेट्रम म्यूर :- अधर फटे हुए। अलि जिह्वा ढ़ीली। मुख कोणों पर दरारें, फफोले। लार श्राव। 

मैग फास :- मुख कोणों का आक्षेपी स्फुरण। स्फुरण।

काली म्यूर :- खुरचन। मसूढ़ों में फोड़ा। व्रणग्रस्तता। 

काली सल्फ :- अधरों पर विशल्कन। 

कैल्केरिया फ्लोर :- हन्वास्थियों की कठोर सूजन।

काली फास :- मसूढ़े रक्त श्रावी, बहते हुए। 

चेहरा :-

चेहरा :- 
नेट्रम म्यूर :- ठोढ़ी पर दाने। चेहरे का स्नायु शूल, कुनीन के बाद। 

मैग फास :- चेहरे का स्नायु शूल, शरीर ठंडा पड़ने पर।

नेट्रम सल्फ :-पाण्डुवर्ण। पीला। फीका।

साईलीसिया :-  गांठें। हन्वास्थियों का परिगलन। 

फेरम फास :- चेहरा तपा हुआ। चेहरा तमतमाया हुआ। लाल।

नेट्रम फास :-नीला। धब्बेदार।

कैल्केरिया फास :- रक्ताल्प और / या मलिन। कर्ण मूल एवं हनु ग्रन्थियों का सूजन। 

काली फास :- ज्वलनशील। नेत्र अन्दर की ओर धंसे हुए। मांस पेशियों की अशक्तता।


नासिका :-


नासिका :-

 नेट्रम म्यूर:- गन्ध का लोप। जुकाम, बहता हुआ। नकसीर खांसने या झुकने से। प्रतिश्याय के साथ गन्ध का लोप। पृष्ठ नासारन्ध्र शुष्क। फुन्सियां, नाक पर। श्राव, पिण्डीभूत, स्वच्छ। सुन्नपन महसूस होता है, एक ओर।

नेट्रम सल्फ :- नथुनों के अन्दर की खुजली। नाक के अन्दर जलन। श्लैष्मिक ज्वर। 

साईलीसिया :- श्राव, तीखा और/ या संक्षारक। 

कैल्केरिया फ्लोर :- अस्थि विवर्धन। 

फेरम फास :- रक्त श्राव। सर्दी ज़ुकाम।

कैल्केरिया फास :- नथुने दुखनशील। सर्दी ज़ुकाम की प्रवृत्ति। 

काली फास :- पृष्ठ नासा रंध्रों से खंखारना। श्राव दुर्गन्धित।

कर्ण :-

नेट्रम सल्फ :- आर्द्र जलवायु से रोग वृद्धि। ध्वनि, घण्टी जैसी। 
काली म्यूर:- प्रतिश्याय।
काली सल्फ :-्श्राव पीला। 
साईलीसिया :- अनुभूति, किसी सजीव पदार्थ की। कड़कने की ध्वनि।

नेत्र :-

नेत्र :- 
नेट्रम म्यूर :- अधिमंथ। छाले। पढ़ते समय शब्द साथ साथ दौड़ते हैं। 

मैग फास :- :- नेत्र पटल सिकुड़े हुए। प्रकाश के प्रति सम्वेदनशील।

नेट्रम सल्फ :- पलकों में जलन। 

साईलीसिया :- गुहेरियां।

फेरम फास :-  नेत्र गोलक दुखनशील। नेत्र में रेतीले कणों की अनुभूति।

नेट्रम फास :- पलकें आपस में चिपक जाती है। मन्द दृष्टि। रक्ताभ।

काली फास :- काले धब्बे, नेत्रों के आगे।




सिर :-

सिर :- 
नेट्रम म्यूर :- कसक, नासिका मूल पर। दर्द, लू लग जाने से। दर्द, सूर्योदय से सूर्यास्त तक। सिर,खुला होने की अनुभूति।

मैग फास :- सिर का कम्पन। सिर में उद्वेष्टकर पीड़ा।

नेट्रम सल्फ :- कपाल शीर्ष में स्पन्दन या जलन। चोट का दुष्प्रभाव। दबाव की अनुभूति। दर्द जीर्ण, पित्त वमन सहित। बाल झड़ते हैं, पित्त दोष सहित। सिर की ओर रक्त का वहाव अधिक।

काली सल्फ :- खोपड़ी में पपड़ियां। गंजापन, चकत्तों में। बाल झड़ते हैं। 

कैल्केरिया सल्फ :- पीले निर्मोक, खोपड़ी में।

साईलीसिया :- कपाल शीर्ष में पर्विकायें। गांठें से खोपड़ी में। प्रमस्तिष्कीय रक्ताघात।

फेरम फास :- सिर दर्द, नकसीर फूटने पर हल्का। सिर दर्द ,रक्त संलयी। पीड़ा स्पर्श करने से। 

कैल्केरिया फास :- कसक ग्रीवा सन्धि एवं पश्चकपाल में। कसक माथे पर। शीतानुभूति सिर में।

काली फास :- अल्प रक्तता। बाल झड़ते हैं अल्प रक्तता से, स्नायु दौर्बल्य से। सिर के पीछे भार की अनुभूति।



मन :-

मन :- 

नेट्रम म्यूर :- क्रोधी स्वभाव। दुष्प्रभाव, क्रोधोत्तर। नाचने और गाने की प्रवृत्ति। शोकातुर। 

मैग फास :- स्वयं से बातें करती रहती है।

नेट्रम सल्फ :- आत्महत्या की प्रवृत्ति। दुष्प्रभाव, चोटोत्तर।भय , दायीं ओर गिरने का। निराशा रोग मुक्ति के प्रति। सिर में चोट लगने का दुष्प्रभाव।

काली सल्फ :- भय, गिरने का। 

साईलीसिया :- कठिन सोच विचार।

कैल्केरिया फ्लोर :- दुविधा। भ्रामक विचार। भय, दिवालियेपन का। 

फेरम फास :- वैराग्य भावना।

नेट्रम फास :- आकांक्षा हीन।

कैल्केरिया फास :- निराशोत्तर दुष्प्रभाव। भविष्य के प्रति अधीर। मन्द बोधगम्यता।

काली फास :- अत्यधिक लज्जा नील। असंतोष। कराहना। जड़िमा। निद्रा भ्रमण। निद्रालाप। परिवर्तन शील स्वभाव। हम, स्नायविक। भयातुर। निराशा। निशा भीति। रुदनशील स्वभाव। शंकालु।




बुधवार, 12 जुलाई 2023

साईलीसिया :-

मन :- कठिन सोच विचार।

सिर :- कपाल शीर्ष में पर्विकायें। गांठें से खोपड़ी में। प्रमस्तिष्कीय रक्ताघात।

नेत्र :- गुहेरियां। 

कर्ण :- अनुभूति, किसी सजीव पदार्थ की। कड़कने की ध्वनि।

नासिका :- श्राव, तीखा और/ या संक्षारक। 

चेहरा :- गांठें। हन्वास्थियों का परिगलन। 

मुख :- 

जिह्वा एवं स्वाद :- 

दांत एवं मसूढ़े :- दन्त व्रण।

कण्ठ :- ग्रन्थियों से पूयश्राव।

पाचन प्रणाली :- अत्यधिक भूख। अरुचि, गर्म भोजन के प्रति। वमन, स्तनपानोत्तर।

उददंर एवं मल :- गुदा विदरमय। 

मूत्र सम्बन्धी लक्षण :- मूत्र श्लेष्मा युक्त। 

नारी रोग लक्षण :- चुचुक फटे हुए। प्रदर श्राव तीखा और / या विपुल मात्रा में। सम्वेदनशील अंग।

श्वास प्रणाली :- बलगम, अत्यधिक और / या दुर्गन्धित।

हृदय :- जीर्ण हृदय रोग। 

पृष्ठ एवं वाह्यांग :- अन्य: नवोत्पत्ति। गुदास्थि, उत्पीड़क। टखनों में दर्द। दर्द, पैरों के माध्यम से। नाखून, फटे हुए। पैरों में दुखन। भुजाएं, भारी। मेरुदंड अति सम्वेदनशील।

स्नायु प्रणाली :- तंत्रिका शूल, जीर्ण। 

नींद एवं स्वप्न :- स्वप्न, पशुओं का और/ या रुग्णता के।

ज्वर लक्षण :- परागज ज्वर।

चर्म :- ताम्र वर्ण धब्बे। 

उत्तक :- 

रुपात्मकतायें :-  वृद्धि :- अमावस्या और पूर्णिमा के दौरान। गीली वस्तुओं का उपयोग करने से। पैरों का पसीना दब जाने से। विस्फोट दब जाने से।

ह्वास :- चलते रहने से, निरन्तर। नभ ताप से।

कैल्केरिया फ्लोर :-

मन :- दुविधा। भ्रामक विचार। भय, दिवालियेपन का। 

सिर :- 

नेत्र :- 

कर्ण :- 

नासिका :- अस्थि विवर्धन। 

चेहरा :- 

मुख :- हन्वास्थियों की कठोर सूजन।

जिह्वा एवं स्वाद :- जिह्वा की जीर्ण सूजन। जिह्वा, फटी हुई।

दांत एवं मसूढ़े :- दन्त वल्काल्पता। मसूढ़ा, कठोर, सूजा हुआ।

कण्ठ :- 

पाचन प्रणाली :- 

उदर एवं मल :- 

मूत्र सम्बन्धी लक्षण :- मूत्र, तीखा। 

नारी रोग लक्षण :- खिंचाव की अनुभूति। जरायु भ्रंश। स्तनों में गांठें। 

श्वास प्रणाली :- बलगम, पिण्डीभूत। 

हृदय :- धमनी विस्फार। हृत्विवर्धन। 

पृष्ठ एवं वाह्यांग :- उंगलियों की सन्धियों का विवर्धन। कटि वेदना । ग्रन्थियां, कठोर। गण्डिका। थकान की अनुभूति। पीठ में दर्द। सन्धियों की कड़कड़ाहट। 

स्नायु प्रणाली :- 

नींद एवं स्वप्न :- 

ज्वर लक्षण :- 

चर्म :- त्वचा, दरार युक्त। विदर। होंठ फटे हुए। 

उत्तक :- गुल्मोत्पत्ति। शिरा व्रण ग्रस्त और / या विवर्धित। 

रुपात्मकतायें :-  वृद्धि :- 

ह्वास :- 

कैल्केरिया सल्फ :-

मन :- 

सिर :- पीले निर्मोक, खोपड़ी में।

नेत्र :- 

कर्ण :- 

नासिका :- 

चेहरा :- 

मुख :- 

जिह्वा एवं स्वाद :- जिह्वा, थुलथुली। स्वाद, खट्टा। 

दांत एवं मसूढ़े :- मसूढ़ों, के फोड़े से श्राव गतिशील।

कण्ठ :- 

पाचन प्रणाली :- इच्छा, फलों की और / या मद्यपान की। मितली और चक्कर। 

उदर एवं मल :- उदर ठण्ढ़ा प्रतीत होता है। गुदा, फोड़ों से घिरा हुआ। यकृत, उत्पीड़क। 

मूत्र सम्बन्धी लक्षण :- 

नारी रोग लक्षण :- आर्तव श्राव के साथ दुर्बलता। आर्तव श्राव चिरकाल तक गतिशील। 

श्वास प्रणाली :- 

हृदय :- 

पृष्ठ एवं वाह्यांग :- पद तलों में जलन और खुजली। पैरों की जलन।

स्नायु प्रणाली :- 

नींद एवं स्वप्न :- 

ज्वर लक्षण :- प्रलेपक ज्वर।

चर्म :- 

उत्तक :- गलका। 

रुपात्मकतायें :-  वृद्धि :- 

ह्वास :- 

काली सल्फ :-

मन :- भय, गिरने का। 

सिर :- खोपड़ी में पपड़ियां। गंजापन, चकत्तों में। बाल झड़ते हैं। 

नेत्र :- 

कर्ण :- ‌श्राव पीला। 

नासिका :- 

चेहरा :- 

मुख :- अधरों पर विशल्कन। 

जिह्वा एवं स्वाद :- जिह्वा, चिपचिपी। 

दांत एवं मसूढ़े :- 

कण्ठ :- 

पाचन प्रणाली :- अरुचि,  गर्म पेय पदार्थों के प्रति। अमाशय के अन्दर जलन। प्यास, न बुझने वाली। 

उदर एवं मल :- अतिसार, पीला और / या श्लैष्मिक। मलबद्धता की प्रवृत्ति।

मूत्र सम्बन्धी लक्षण :- 

नारी रोग लक्षण :-

श्वास प्रणाली :- क्रुप मूलक कर्कशता। खांसी, बलगम की खड़खड़ाहट के साथ और / या सायंकालीन। बलगम, चिपचिपा। बलगम, विपुल मात्रा में। वक्ष के अन्दर श्लैष्मिक खड़खड़ाहट। श्वसनिका शोथ, के साथ पीला बलगम।

हृदय :- 

पृष्ठ एवं वाह्यांग :- दर्द चलायमान। पृष्ठ वेदना सायं कालीन वृद्धि।

स्नायु प्रणाली :- 

नींद एवं स्वप्न :- स्वप्न, सुस्पष्ट।

ज्वर लक्षण :- पसीना, ठण्ढ़ा। 

चर्म :- सिरौचे की विषण्णता।

उत्तक :- अल्प रक्तता, शिशुओं में।

रुपात्मकतायें :-  वृद्धि :- 

ह्वास :- ठण्ढ़ी हवा में।



काली म्यूर :-

मन :- 

सिर :- 

नेत्र :- 

कर्ण :- प्रतिश्याय।

नासिका :- 

चेहरा :- 

मुख :- खुरचन। मसूढ़ों में फोड़ा। व्रणग्रस्तता। 

जिह्वा एवं स्वाद :- जिह्वा, भूरी श्वेत।

दांत एवं मसूढ़े :- 

कण्ठ :- कण्ठ दाह और / या व्रणग्रस्तता के साथ। ग्रन्थियों की सूजन। झिल्ली परक नि:श्राव। 

पाचन प्रणाली :- अतिसार, वसाहार से। उदर, वेदनाशील।

उदर एवं मल :- मलबद्धता, विलेपित जिह्वा के साथ। यकृत, निष्क्रिय।

मूत्र सम्बन्धी लक्षण :- वृक्क प्रदाहित।

नारी रोग लक्षण :- आर्तव श्राव काला, थक्केदार, अविराम। प्रदर श्राव गाढ़ा एवं दुधिया।

श्वास प्रणाली :-  खांसी, ऊंची ध्वनि करती हुई एवं क्रुप मूलक। 

हृदय :- 

पृष्ठ एवं वाह्यांग :-  ग्रन्थियां सूजी हुई। तुषार दंश। पाद शोथ। पैरों में सूजन। 

स्नायु प्रणाली :- 

नींद एवं स्वप्न :- 

ज्वर लक्षण :- 

चर्म :- छाजन, टीका दोष मूलक। पादशोथ। होठों का कैंसर।

उत्तक :- नील। फफोले, वाष्प दाह।

रुपात्मकतायें :-  वृद्धि :- वसाहार लेने से।

ह्वास :- नहाने से।

नेट्रम सल्फ :-

मन :- आत्महत्या की प्रवृत्ति। दुष्प्रभाव, चोटोत्तर।भय , दायीं ओर गिरने का। निराशा रोग मुक्ति के प्रति। सिर में चोट लगने का दुष्प्रभाव।

सिर :- कपाल शीर्ष में स्पन्दन या जलन। चोट का दुष्प्रभाव। दबाव की अनुभूति। दर्द जीर्ण, पित्त वमन सहित। बाल झड़ते हैं, पित्त दोष सहित। सिर की ओर रक्त का वहाव अधिक।

नेत्र :- पलकों में जलन। 

कर्ण :- आर्द्र जलवायु से रोग वृद्धि। ध्वनि, घण्टी जैसी। 

नासिका :- नथुनों के अन्दर की खुजली। नाक के अन्दर जलन। श्लैष्मिक ज्वर। 

चेहरा :- पाण्डुवर्ण। पीला। फीका।

मुख :- 

जिह्वा एवं स्वाद :- जिह्वा, भूरी हरी। स्वाद, कड़वा।

दांत एवं मसूढ़े :- 

कण्ठ :- 

पाचन प्रणाली :- आध्मान, यकृत की निष्क्रियता के साथ। पित्तात्मकता। वमन, पित्त। 

उदर एवं मल :- अतिसार, आर्द्र जलवायु में, पित्तात्मक। उदर शूल, सीसा विषपरक। गुदा, मस्सों से घिरा हुआ। यकृत, दुखनशील एवं रक्त संकुल।

मूत्र सम्बन्धी लक्षण :- मूत्र, ईंटे के चूरे जैसे तलछट सहित। मूत्र, पित्तात्मक, रेतीला। मूत्रोत्सर्जन करते समय जलन।

नारी रोग लक्षण :- आर्तव श्राव के साथ अतिसार और / या मलबद्धता और/ या नकसीर। आर्तव श्राव संक्षारक।

श्वास प्रणाली :- बलगम रस्सी जैसा गठा हुआ। 

हृदय :- 

पृष्ठ एवं वाह्यांग :- 

स्नायु प्रणाली :-  

नींद एवं स्वप्न :- आध्मान युक्त पीड़ा से नींद टूट जाती है। तन्द्रा भाव। स्वप्न, झगड़ने के। 

ज्वर लक्षण :- पीत ज्वर। श्लैष्मिक ज्वर।

चर्म :- त्वचा, पाण्डुवर्ण। शोथ। 

उत्तक :- 

रुपात्मकतायें :-  वृद्धि :- आर्द्र बरसाती मौसम में और पानी से।नहाने से।

ह्वास :- जलवायु परिवर्तन से। तप्त शुष्क जलवायु से।

नेट्रम म्यूर :-

मन :- क्रोधी स्वभाव। दुष्प्रभाव, क्रोधोत्तर। नाचने और गाने की प्रवृत्ति। शोकातुर। 

सिर :- कसक, नासिका मूल पर। दर्द, लू लग जाने से। दर्द, सूर्योदय से सूर्यास्त तक। सिर,खुला होने की अनुभूति।

नेत्र :- अधिमंथ। छाले। पढ़ते समय शब्द साथ साथ दौड़ते हैं। 

कर्ण :- 

नासिका :- गन्ध का लोप। जुकाम, बहता हुआ। नकसीर खांसने या झुकने से। प्रतिश्याय के साथ गन्ध का लोप। पृष्ठ नासारन्ध्र शुष्क। फुन्सियां, नाक पर। श्राव, पिण्डीभूत, स्वच्छ। सुन्नपन महसूस होता है, एक ओर।

चेहरा :- ठोढ़ी पर दाने। चेहरे का स्नायु शूल, कुनीन के बाद। 

मुख :- अधर फटे हुए। अलि जिह्वा ढ़ीली। मुख कोणों पर दरारें, फफोले। लार श्राव। 

जिह्वा एवं स्वाद :- जिह्वा, चित्र खचित, झागदार। स्वाद का लोप। 

दांत एवं मसूढ़े :- लार श्राव। 

कण्ठ :- अलि जिह्वा ढ़ीली, विवर्धित। कण्ठदाह जीर्ण। रुक्षता।

पाचन प्रणाली :- अरुचि, रोटी के प्रति। इच्छा, कड़वे पदार्थों की। वमन, काफी के बीजों जैसा, श्लैष्मिक। 

उदर एवं मल :- अतिसार, असंयत या निरंकुश। गुदा, विस्फोटों से घिरा हुआ। जलन और पीड़ा। मलबद्धता का अतिसार के साथ पर्यायक्रम। मलान्त्र के अन्दर सूचीबेधी अनुभूति। 

मूत्र सम्बन्धी लक्षण :- निरंकुश मूत्रता, खांसते समय।

नारी रोग लक्षण :- आर्तव श्राव के साथ विषाद। आर्तव श्राव विपुल मात्रा में, विलम्बित। खुजली, वाह्य जननांगों की। गर्भाशय के अन्दर जलन। प्रदर श्राव, पनीला, चुभन और / या क्षोभण पैदा करने वाला । 

श्वास प्रणाली :- बलगम झागदार, पनीला। श्वसनिकाशोथ जीर्ण।

हृदय :- अतिवृद्धि। नाड़ी, तीव्र, सर्वत्र अनुभूत।‍ सिकुुड़न।

पृष्ठ एवं वाह्यांग :- अंग सो जाते हैं। ग्रीवा, कृश। दुर्बलता, सर्वांगीण। पीठ, ठण्ढ़ी। पृष्ठ वेदना, पीठ के बल लेटने से हल्की। शोफ। 

स्नायु प्रणाली :- 

नींद एवं स्वप्न :- नींद अत्यधिक एवं स्फूर्ति हीन। स्वप्न, अधीर, मानसिक श्रम करने के।

ज्वर लक्षण :- कम्पकम्पी, प्रातः कालीन। सविरामी ज्वर।

चर्म :- कीट दंश। जीर्ण चर्मरोग। दरारें, पैरों की उंगलियों के मध्य। दाढ़ी के बाल झड़ते हैं। 

उत्तक :- श्राव, पनीले।

रुपात्मकतायें :-  वृद्धि :- कुनीन के सेवन से। स्टार्च युक्त आहार से।

ह्वास :- सायं काल में।

मैग फास :-

मन :- स्वयं से बातें करती रहती है।

सिर :- सिर का कम्पन। सिर में उद्वेष्टकर पीड़ा।

नेत्र :- नेत्र पटल सिकुड़े हुए। प्रकाश के प्रति सम्वेदनशील।

कर्ण :- 

नासिका :- 

चेहरा :- चेहरे का स्नायु शूल, शरीर ठंडा पड़ने पर।

मुख :- मुख कोणों का आक्षेपी स्फुरण। स्फुरण।

जिह्वा एवं स्वाद :- लाल और शुष्क जिह्वा।

दांत एवं मसूढ़े :- मसूढ़े स्पर्श के प्रति सम्वेदनशील।

कण्ठ :- अनुभूति, दमघुुटने की। सिकुड़न उद्वेष्टकर।

पाचन प्रणाली :- अम्ल पदार्थों के प्रति सम्वेदनशील। इच्छा, चीनी की। ऊर्ध्व निक्षेप। मितली और वमन।

उदर एवं मल :- उदर शूल। ऐंठन युक्त पीड़ा। पित्त शूल। मलबद्धता, छोटे बच्चों में। 

मूत्र सम्बन्धी लक्षण :- मूत्र, अवरुद्ध। 

नारी रोग लक्षण :- आर्तव श्राव रेशेदार। कष्टार्तव, झिल्ली परक।

श्वास प्रणाली :- खांसी, आक्षेपी, उद्वेष्टकर और / या स्नायविक । काली खांसी। वक्ष आकुंचनशील।

हृदय :- 

पृष्ठ एवं वाह्यांग :- 

स्नायु प्रणाली :- मद्य विषण्णता। स्फुरण।

नींद एवं स्वप्न :- 

ज्वर लक्षण :- 

चर्म :- उस्तरे के उद्भेद।

ऊत्तक :- 

रुपात्मकतायें :-  वृद्धि :- दायीं ओर। लेटने से।

ह्वास :- दूध से। दोहरा होने से। धैर्य बंधाने से। मसलने से।

नेट्रम फास :-

मन :- आकांक्षा हीन।

सिर :- 

नेत्र :- पलकें आपस में चिपक जाती है। मन्द दृष्टि। रक्ताभ।

कर्ण :- 

नासिका :- 

चेहरा :- नीला। धब्बेदार।

मुख :- 

जिह्वा एवं स्वाद :- जिह्वा, कोमल, क्रीम जैसी। स्वाद, तीखा।

दांत एवं मसूढ़े :- दांत करकराने की आदत, सुप्तावस्था में। 

कण्ठ :- पृष्ठ नासारन्ध्रों का गिरना।

पाचन प्रणाली :- अम्लता। वमन, अम्ल।

उदर एवं मल :- अतिसार, हरा। कृमि विकार। गुदा की खुजली।

मूत्र सम्बन्धी लक्षण :- 

नारी रोग लक्षण :- आर्तव श्राव के साथ उत्तेजना। आर्तव श्राव तीखा, पीला। प्रदर श्राव, अम्लज। जरायु की स्थान च्युति।

श्वास प्रणाली :- वक्ष में उत्ताप की अनुभूति।

हृदय :- 

पृष्ठ एवं वाह्यांग :- कसक, कलाईयों में। गठिया, जीर्ण। घुटनों में दर्द। जानु पृष्ठ कण्डराओं में दुखन। टखने दुर्बल। दर्द का प्रसार हृदय की ओर। भुजाएं, थकी हुई। हाथ अकड़ जाते हैं।

स्नायु प्रणाली :- चाल लड़खड़ाती हुई। तंत्रिका शूल, अन्तरापर्शुक। 

नींद एवं स्वप्न :- स्वप्न, मृतकों के और / या सम्भोग के।

ज्वर लक्षण :- पसीना, खट्टे गन्ध वाला। पैर ठण्ढ़े।

चर्म :- 

उत्तक :- श्राव शहद के रंग जैसे।

रुपात्मकतायें :-  वृद्धि :- मछली खाने से।

ह्वास :- 

कैल्केरिया फास :-

मन :- निराशोत्तर दुष्प्रभाव। भविष्य के प्रति अधीर। मन्द बोधगम्यता।

सिर :- कसक ग्रीवा सन्धि एवं पश्चकपाल में। कसक माथे पर।
शीतानुभूति सिर में।

नेत्र :- 

कर्ण :- 

नासिका :- नथुने दुखनशील। सर्दी ज़ुकाम की प्रवृत्ति। 

चेहरा :- रक्ताल्प और / या मलिन। कर्ण मूल एवं हनु ग्रन्थियों का सूजन। 

मुख :- 

जिह्वा एवं स्वाद :- सुन्न। 

दांत एवं मसूढ़े :- दन्तोदगम कालीन व्याधियां। दन्तोपसर्ग, सगर्भ कालीन।

कण्ठ :- कण्ठ दाह ढ़ीला। वक्ताओं का कण्ठ।

पाचन प्रणाली :- आध्मान। इच्छा शूकर मांस की। वमन ठण्ढ़ा पानी पीने के बाद। वमन शिशु।

उदर एवं मल :- अतिसार फलों से। उदर शूल, बच्चों का। उदर धंसा हुआ। गुदानाल व्रण। पित्ताश्म। मलबद्धता, वयोवृद्ध जनों में। सुखण्डी।

मूत्र सम्बन्धी लक्षण :- निरंकुश मूत्रता। बढ़ा हुआ मूत्र। मूत्राशय के अन्दर पथरी। 

नारी रोग लक्षण :- आर्तव श्राव के साथ आमवाती दर्द। आर्तव श्राव, प्रत्येक दूसरे सप्ताह। प्रदर श्राव श्लैष्मिक। स्तन बढ़े हुए।
स्तनों में जलन।

श्वास प्रणाली :- खांसी, दमघोंटनेवाली। 

हृदय :- श्वास लेते समय दर्द, हृदय में।

पृष्ठ एवं वाह्यांग :- अंगों की शीतलता। कसक अंगों की। गठिया आमवाती। चलना देर से सीखता है। दर्द, प्रजंघिकास्थि में। धनुष्पद। नखमूलों पर पीड़ा। हाथ सो जाते हैं। 

स्नायु प्रणाली :- रेंगने की अनुभूति। 

नींद एवं स्वप्न :- :- तन्द्रा भाव, वयोवृद्ध जनों में। निद्रावस्था में रोता है। निद्रावस्था से जगाना कठिन।


ज्वर लक्षण :- 

चर्म :- त्वचा, चित्तीदार और / या झुर्रीदार। 

ऊत्तक :- शोथ। श्राव अन्नसार युक्त। क्षयकारी रोग।

रुपात्मकतायें :-  वृद्धि :- जलवायु परिवर्तन से। रोग के बारे में सोचने से।

ह्वास :- नीचे लेटने से।

काली फास :-

मन :- अत्यधिक लज्जा नील। असंतोष। कराहना। जड़िमा। निद्रा भ्रमण। निद्रालाप। परिवर्तन शील स्वभाव। हम, स्नायविक। भयातुर। निराशा। निशा भीति। रुदनशील स्वभाव। शंकालु।

सिर :- अल्प रक्तता। बाल झड़ते हैं अल्प रक्तता से, स्नायु दौर्बल्य से। सिर के पीछे भार की अनुभूति।

नेत्र :- काले धब्बे, नेत्रों के आगे।

कर्ण :- ध्वनियां, बहरेपन के साथ, सिर में। 

नासिका :- पृष्ठ नासा रंध्रों से खंखारना। श्राव दुर्गन्धित।

चेहरा :- ज्वलनशील। नेत्र अन्दर की ओर धंसे हुए। मांस पेशियों की अशक्तता।

मुख :- मसूढ़े रक्त श्रावी, बहते हुए। 

जिह्वा एवं स्वाद :- 

दांत एवं मसूढ़े :- दन्त मल।

कण्ठ :- निगरण की अविराम इच्छा। स्वर यन्त्र का पक्षाघात।

पाचन प्रणाली :- अरुचि, मिष्टान्न के प्रति। आध्मान हृदय की धड़कन के साथ।

उदर एवं मल :- अतिसार दर्द हीन, दुर्गन्धित, भय से। उदर सूजा हुआ। 

मूत्र सम्बन्धी लक्षण :- रक्त श्राव मूत्रमार्ग से।

नारी रोग लक्षण :- आर्तव श्राव अनियमित, तीव्र गन्ध वाला एवं समय से पूर्व। वातोन्मादी लक्षण।

श्वास प्रणाली :- बलगम नमकीन। 

हृदय :- धड़कन। संचार मन्द।

पृष्ठ एवं वाह्यांग :- अंगों में खुजली। कसक दोनों कन्धों के मध्य। दर्द, गोली लगने जैसा। नितम्ब उत्पीड़क। पक्षाघाती खंजता। पृष्ठ वेदना, प्रातः कालीन वृद्धि। पैरों की स्वचल गति। मांस पेशियों की दुर्बलता। सहज ही ठोकर खाकर गिर पड़ता है।

स्नायु प्रणाली :- दुर्बलता। निशा भीति। विसर्पी पक्षाघात। गेंद की अनुभूति। भय। शिशु अंगाघात। स्नायविकता।

नींद एवं स्वप्न :- रोते रोते जागता है। स्वप्न, कामोत्तेजक और /या गिरने के।

ज्वर लक्षण :- आन्त्रिक ज्वर। प्रमस्तिष्कीय ज्वर। पसीना विपुल।

चर्म :- रेंगने की अनुभूति। श्राव क्षोभण पैदा करने वाला।

ऊत्तक :- दुर्गन्धित श्राव। 

रुपात्मकतायें :-  वृद्धि :- निरन्तर व्यायाम करने से। प्रबल आयास करने से। पूर्ण विश्राम द्वारा। बैठे रहने के बाद उठते हुए। शोरगुल से।

ह्वास :- खाना खाने से। धीरे धीरे चलने से। साथ रहने से। हवा की डकारों से। हर्षोत्फुल उत्तेजना से।

फेरम फास :-

मन :- वैराग्य भावना।

सिर :- सिर दर्द, नकसीर फूटने पर हल्का।  सिर दर्द ,रक्त संलयी। पीड़ा स्पर्श करने से। 

नेत्र :- नेत्र गोलक दुखनशील। नेत्र में रेतीले कणों की अनुभूति।

कर्ण :- 

नासिका :- रक्त श्राव। सर्दी ज़ुकाम।

चेहरा :- चेहरा तपा हुआ। चेहरा तमतमाया हुआ। लाल।

मुख :- 

जिह्वा एवं स्वाद :- लाल।

दांत एवं मसूढ़े :- 

कण्ठ :- कण्ठ शुष्क।

पाचन प्रणाली :- अरूचि, खट्टे खाद्यान्नों के प्रति, दूध के प्रति, मांस के प्रति। इच्छा उद्दीपक पदार्थों की। वमन नाश्ता करने से पहले।

उदर एवं मल :- अतिसार, अपचित भोजन के। अतिसार ठंड से।

मूत्र सम्बन्धी लक्षण :- मूत्र, दबा हुआ। 

नारी रोग लक्षण :- आर्तव श्राव, चमकता हुआ लाल। आर्तव श्राव, प्रत्येक तीसरे सप्ताह। सगर्भ कालीन मितली और वमन।

श्वास प्रणाली :- खांसी उग्र, कठोर, गुदगुदाहट के साथ, शुष्क, रुक रुक कर होने वाली। फुस्फुसीय रक्त संकुलन। वक्ष में जलन। श्वास रोध।

हृदय :- नाड़ी सर्वत्र उछलती हुई। हृत शोथ।

पृष्ठ एवं वाह्यांग :- आमवाती ज्वर, मांसपेशी परक। ग्रीवा अकड़ी हुई। दर्द, कन्धों में। हथेलियां गर्म।

स्नायु प्रणाली :- तंत्रिका शूल, रक्त संकुलन।

नींद एवं स्वप्न :- 

ज्वर लक्षण :- रक्त ज्वर।

चर्म :- 

उत्तक :- घाव । मोच।

रुपात्मकतायें :-  वृद्धि :- 

ह्वास :- 

बुधवार, 5 जुलाई 2023

Apis Mellifica

Allergiec reaction to bee or wasp stings.
Burning, stinging. 
Excessive swelling.
Allergiec edema of face, eyelids. 
Stinging pains. 
Sudden shrill cries. 
Bruised, sore pain. 
Swelling or puffing up of verious parts, edema. 
Information of kidneys. 
Constricted sensations. 
Great anxious restlessness and fidgety. 
Constant whining. 
Restlessness and constantly busy. 
Weeping. 
Awkward, drops things readily. 
Hysterical girls at puberty. 
Jealous, fidgety, hard to please. 
Abdomen:sore, bruised pain. Extremely tender. 
Bladder: cystitis. Last drops burn and smart. 
Retention of urine in new born. 
Suppresed urine. 
Ears: stinging pains. 
Eyes : allergic, puffy eye lids. Lachrymation hot. Sudden piercing pains. Serous exudation, edema and sharp pains. Intense chemosis ol ocular conjuction. Suppurative information of eyes. 
Face : Red, hot, swollen. Bee stings. 
Female : Premenstrual syndrome with water retention. Hysterical girls at puberty. Overian cysts. Overian tumors, with stinging pains. Toxemia. 
Food : Thristless. Craving for milk (Rhus tox). 
Head : Sharp shrieks. Hydrocephalus. Rolling of the head. Meningitis. Stinging. Brain feels very tired. 
Kidneys: Acute nephritis, urine scanty or suppressed. Scanty high coloured urine. 
Lungs : Painting breathing. Feels as if he could not drow other breath. 
Modelities : Better from cool air. 
Worse from heat in any form. Worse heat of room. Worse hot bath. Worse touch. Worse from suppressed eruptions. 
Mouth : Red, shining and puffy. 
Nose : Red, swollen. 
Rectum : Anus seems open. Cholera infantum. 
Skin : Bee stings, insect bites. Allergic dermatitis. Hives. Stinging pains. Urticaria like bee stings, or stings from other insects, with intolerable itching at night. Large urticaria. 
Sleep : Great inclination to sleep. Screams and sudden starting during sleep. 
Temperature : Thirstless during fever. Burning heat. Afternoon chill with thirst, worse on motion and heat. 
Throat : Swollen throat from allergic reaction. Uvula swollen. 
Tongue : Cancer of the tongue. Stinging blisters along edge of tongue. 

मधुमक्खी या ततैया के डंक से एलर्जी की प्रतिक्रिया।

 जलन, चुभन.

 अत्यधिक सूजन.

 चेहरे, पलकों की एलर्जीजन्य सूजन।

 चुभने वाला दर्द.

 अचानक तीखी चीख.

 चोट, पीड़ादायक दर्द.

 कई हिस्सों में सूजन या फुलाव, शोफ।

 किडनी की जानकारी.

 संकुचित संवेदनाएँ.

 बड़ी चिन्ताजनक बेचैनी और बेचैनी।

 लगातार रोना.

 बेचैनी और लगातार व्यस्त रहना.

 रोना.

 अजीब, चीजों को आसानी से गिरा देता है।

 युवावस्था में उन्मादी लड़कियाँ।

 ईर्ष्यालु, बेचैन, प्रसन्न करना कठिन।

 उदर: पीड़ादायक, चोटग्रस्त दर्द।  अत्यंत कोमल.

 मूत्राशय: सिस्टाइटिस.  आखिरी बूँदें जलती हैं और स्मार्ट होती हैं।

 नवजात शिशु में मूत्र का रुकना।

 पेशाब का रुक जाना.

 कान : चुभने जैसा दर्द।

 आंखें : एलर्जी, सूजी हुई पलकें।  लैक्रिमेशन गरम।  अचानक चुभने वाला दर्द.  सीरस स्राव, सूजन और तेज दर्द।  तीव्र रसायन ओएल नेत्र संयुग्मन।  आँखों की पूरक जानकारी.

 चेहरा — लाल, गर्म, सूजा हुआ।  मधुमक्खी के डंक।

 महिला : जल प्रतिधारण के साथ मासिक धर्म से पहले का सिंड्रोम।  युवावस्था में उन्मादी लड़कियाँ।  ओवरियन सिस्ट.  ओवरियन ट्यूमर, चुभने वाले दर्द के साथ।  विषाक्तता.

 भोजन : प्यास रहित।  दूध की लालसा (रस टॉक्स)।

 सिर : तेज़ चीखें.  जलशीर्ष।  सिर का घूमना.  मस्तिष्कावरण शोथ।  चुभने वाला.  मस्तिष्क बहुत थका हुआ महसूस करता है।

 गुर्दे: तीव्र नेफ्रैटिस, मूत्र कम या दबा हुआ।  कम ऊँचे रंग का मूत्र।

 फेफड़े : सांस फूलना ।  ऐसा महसूस होता है जैसे वह दूसरी सांस नहीं ले सकता।

 मॉडलिटीज़: ठंडी हवा से बेहतर।

 किसी भी रूप में गर्मी से बदतर।  कमरे की गर्मी का बढ़ना.  बदतर गर्म स्नान.  बदतर स्पर्श.  दबे हुए विस्फोटों से बदतर।

 मुँह : लाल, चमकीला और फूला हुआ।

 नाक : लाल, सूजी हुई।

 मलाशय : गुदा खुला हुआ प्रतीत होता है।  हैजा शिशु.

 त्वचा : मधुमक्खी का डंक, कीड़े का काटना।  एलर्जी जिल्द की सूजन.  पित्ती.  चुभने वाला दर्द.  मधुमक्खी के डंक की तरह पित्ती, या अन्य कीड़ों के डंक, रात में असहनीय खुजली के साथ।  बड़ी पित्ती.

 नींद : सोने की बहुत इच्छा होती है।  नींद के दौरान चीख-पुकार और अचानक शुरू हो जाना।

 तापमान : बुखार के दौरान प्यास न लगना।  जलती गर्मी.  दोपहर में प्यास के साथ ठिठुरन, चलने-फिरने और गर्मी से अधिक ।

 गला : एलर्जी की प्रतिक्रिया से गले में सूजन।  उवुला सूज गया।

 जीभ : जीभ का कैंसर।  जीभ के किनारे चुभने वाले छाले।






Antipyrinum

Hallucinations of sight and hearing.
Ear tinnitus.
Lachrymation.
Headache under ears with earache
Sensation of constriction.
General prostration of nerves. 

दृष्टि और श्रवण का मतिभ्रम।

 कान में झनझनाहट होना।

 लैक्रिमेशन।

 कान के दर्द के साथ कान के नीचे सिरदर्द

 संकुचन की अनुभूति.

 तंत्रिकाओं का सामान्य फैलाव।

Antimonium Tartaricum

Can't bear to be looked at.
Cough balls.
Rattling of mucus and little expectoration.
Great accumulation of mucus.
Patients becomes increasingly weak, sweats, become drowsy and relaxed with lack of reaction.
Bilharziasis.
Chills and contractures.
Nursing infants let go the nipple and cry out as if out of breath.
Violent colic and drowsiness.
Violent pain in sacro-lumbar region.
Sensation as if a heavy load was hanging on end of coccyx.
Coughing and grasping.
Pale face, covered with cold sweat.
Incessant quivering of chin and lower jaw (Gel).
Desires apples, fruits and acids.
Thirst for cold water, little and often.
Asphyxia from drowning.
Edema and impending paralysis of lungs.
Suffocative shortness of breath.
Great rattling of mucus, but very little is expectorated.
Death rattle.
Emphysema of the aged.
Severe pneumonia, last stage.
Expectoration copious, thick, white.
Lungs seems full of mucus yet less and less is raised.
Worse from warmth.
Spits all the time.
Alae nasi flapping.
Copious cold clammy sweat or perspiration.
Pustular eruption.
Nausea, retching and vomiting.
Nausea comes in waves.
Frequent vomiting of bitter, sour substance.
Tongue coated, pasty, thick white with red edges.

किसी की ओर देखा जाना बर्दाश्त नहीं होता.

 खाँसी के गोले.

 बलगम की खड़खड़ाहट और थोड़ा बलगम निकलना।

 बलगम का अत्यधिक संचय होना।

 मरीज तेजी से कमजोर हो जाते हैं, उन्हें पसीना आता है, उनींदापन होता है और प्रतिक्रिया न होने के कारण वे तनावमुक्त हो जाते हैं।

 बिलहरज़ियासिस।

 ठंड लगना और सिकुड़न।

 दूध पिलाने वाले शिशु अपने स्तन को ढीला छोड़ देते हैं और चिल्लाने लगते हैं मानो उनकी सांसें फूल रही हों।
रंरं
 तीव्र शूल और उनींदापन।

 त्रिक-कठ क्षेत्र में तीव्र दर्द।

 ऐसा महसूस होना मानो कोक्सीक्स के सिरे पर कोई भारी बोझ लटका हुआ हो।

 खाँसना और जकड़ना।

 पीला चेहरा, ठंडे पसीने से ढका हुआ।

 ठुड्डी और निचले जबड़े का लगातार कांपना (जेल)।

 सेब, फल और अम्ल की इच्छा रखता है।

 ठंडे पानी की प्यास, कम और बार-बार।

 डूबने से दम घुटना.

 फेफड़ों में सूजन और आसन्न पक्षाघात।

 दम घुटने वाली सांस की तकलीफ।

 बलगम की तेज़ गड़गड़ाहट, लेकिन बहुत कम बलगम निकलता है।

 मृत्युपूर्व भर्राए गले से निकली आवाज़।

 वृद्धों की वातस्फीति।

 गंभीर निमोनिया, अंतिम चरण।

 बलगम प्रचुर, गाढ़ा, सफेद ।

 फेफड़े बलगम से भरे हुए प्रतीत होते हैं फिर भी बलगम कम और कम उठता है।

 गरमी से बुरा हाल.

 हर वक्त थूकता रहता है.

 अलै नसी फड़फड़ा रहा है।

 अत्यधिक ठंडा चिपचिपा पसीना या पसीना।

 पुष्ठीय विस्फोट.

 मतली, जी मिचलाना और उल्टी होना।

 मतली तरंगों के रूप में आती है।

 कड़वे, खट्टे पदार्थ की बार-बार उल्टी होना।

 जीभ लेपित, चिपचिपी, लाल किनारों वाली गाढ़ी सफेद।




Antimonium Sulphuratum Auratum

Chronic nasal and bronchial catarrh.
Increased mucus.
Congestion of upper lobe of left lung.
Nose bleed on washing the face.

Antimonium Muriaticum

Cancer of the lower lip.

Antimonium Crudum

Thickly coated white tongue are true guiding symptoms.
Eats beyond the capacity of his digestion.
Worse by heat.
Worse from cold washing.
Excessive irritability and fretfulness.
Sentimental mood by moon effects of disappointed love, grief.
Child cannot bear to be touched or looked at (Nat-mure).
Peevishness, worse touch or consolation.
Abdomen very much distended, with much rumbling.
Flatus in the abdomen with rumbling borborygmi.
Yellow crusted eruption on cheeks and chin.
Amenorrhea. Menses suppressed.
Headache from disordersed stomach.
Headache from bathing in cold water.
Voice harsh and badly pitched.
Arthritic pain in joints of fingers.
Horny or split nails.
Nails brittle.
Callosities on soles.
Feet very tender, covered with large horny places. 
Horny warts.
Worse cold bathing, cold water (on head).
Worse heat from sun.
Worse overeating.
Tongue coated thick white, as if whitewashed.
Nostrils chapped and covered with crusts.
Eczema of nostrils, sore, cracked and scurfy.
Hamorrhoids.
Catarrhal proctitis.
Abuse of laxatives.
Eczema with gastric derangements.
Urticaria.
Warts (thuja, Sabina, Causticum).
Digestion disordersed easily.
Eructation tasting of the ingesta.
Constant balching.
Bloating after eating.
Diarrhoea alternates with constipation.
Stools of hard lumps mixed with watery discharge.


Anthracinum

Prisentiment of death.
Ailments from inhaling foul odors.
Anxiety, with fever.
Back carbuncles.
Face erysipelas.
Excessive thirst, but can hardly swallow.
Black lips.
Red discoloration of nose extending to cheek.
Black and blue blisters.
Epidemic spleen diseases of cattle and horses.
Creeping chills alternating with heat.
Milignant sore throat.

Anthemis Nobilis

Colic.
Chilliness inside of abdomen.

Anise Stellatum

Pain in region of third rib.

Anhalonium Lewinii

Audio visual hallucinations.
Intoxication, wonderful vision, remarkably beautiful and varied Kaleidoscopic changes.
Existential anguish.
Vision in all colours.
Worse on closing eyes.

Angustura Vera

Coffee addiction. Strong craving for coffee.
Decay of tissue and long bones.
Over sensitive and excitable.
Knee pain.
Offended easily.

Andrographis Peniculata

Loose stools, catarrh, cough and pain in the hepatic region.
Burning sensation in eyes, face, hands and feet.

Anantherum Muricatum

Constant urging to urinate.

Anagallis Arvensis

Skin itching, especially on hands and fingers.
Ulcers.