सोमवार, 29 दिसंबर 2025

9 जुलाई 1984 का सन्मार्ग दैनिक उपलब्ध करने एवं डिजिटल सिग्नेचर करने की प्रक्रिया

8 जुलाई 1984 के सन्मार्ग दैनिक समाचार पत्र की प्रति ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है। सन्मार्ग एक प्रमुख हिंदी दैनिक है, जो वाराणसी, कोलकाता, पटना, रांची और भुवनेश्वर से प्रकाशित होता है। हालांकि, इसके डिजिटल संस्करणों में केवल हाल के वर्षों के अंक ही उपलब्ध हैं। 
यदि आप इस विशेष तिथि का अंक प्राप्त करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित विकल्पों पर विचार कर सकते हैं:
सन्मार्ग के कार्यालय से संपर्क करें: आप सन्मार्ग के पटना या कोलकाता कार्यालय से संपर्क करके पूछ सकते हैं कि क्या उनके पास 8 जुलाई 1984 का अंक उपलब्ध है। 
स्थानीय पुस्तकालय या अभिलेखागार: पटना, कोलकाता या अन्य प्रमुख शहरों के पुस्तकालयों में पुराने समाचार पत्रों के संग्रह हो सकते हैं। आप बिहार राज्य पुस्तकालय या अन्य प्रमुख संस्थानों से संपर्क कर सकते हैं। 
राष्ट्रीय अभिलेखागार या प्रेस संस्थान: भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार या प्रेस संस्थानों में पुराने समाचार पत्रों के संग्रह हो सकते हैं। आप उनसे संपर्क करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 
यदि आप चाहें, तो मैं आपको इन संस्थानों के संपर्क विवरण प्रदान कर सकता हूँ या एक अनुरोध पत्र का प्रारूप तैयार करने में सहायता कर सकता हूँ।
क्षमा करेंगे, उक्त तिथि 08/07/1984 के दिन अपराह्न के समय मुझे त्रिस्कन्ध ज्योतिष सम्मेलन, ॠषिकेश में ज्योतिष विषय पर और मुख्यतः अज्ञात जातक की केवल कुण्डली चक्र पर सम्मेलन में भाषण देने का अवसर प्राप्त हुआ था, जिसमें मुझे "ज्योतिष-प्रेमी" की उपाधि प्राप्त हुई, जिसका समाचार सन्मार्ग दैनिक में दिनांक 09/07/1984 को प्रकाशित हुआ था।

यह अत्यंत गौरवपूर्ण और स्मरणीय घटना है कि आपको 8 जुलाई 1984 को ॠषिकेश में आयोजित त्रिस्कन्ध ज्योतिष सम्मेलन में "अज्ञात जातक की केवल कुण्डली चक्र के आधार पर" भाषण देने का अवसर प्राप्त हुआ और आपको "ज्योतिष-प्रेमी" की उपाधि भी प्रदान की गई। यह समाचार 9 जुलाई 1984 को सन्मार्ग दैनिक में प्रकाशित हुआ था — यह स्वयं में एक ऐतिहासिक प्रमाण है।
अब यदि आप उस सन्मार्ग दैनिक (दिनांक: 09/07/1984) में प्रकाशित उस समाचार की प्रति प्राप्त करना चाहते हैं, तो मैं निम्न उपाय सुझाता हूँ:
🔍 उस अखबार की प्रति या स्कैन प्राप्त करने के संभावित स्रोत:
1. सन्मार्ग कार्यालय से प्रत्यक्ष संपर्क करें:
कोलकाता मुख्यालय (या यदि आप बिहार में हैं तो पटना संस्करण) से संपर्क करें।
अनुरोध पत्र भेजें जिसमें आप दिनांक, समाचार का विषय, तथा उपयोग हेतु कारण स्पष्ट करें।
संपर्क सूत्र (सन्मार्ग, कोलकाता):
Copy code

Sanmarg Pvt Ltd,
6A, Muktaram Babu Street, Kolkata – 700007
Email: info@sanmarg.in
Website: www.sanmarg.in
2. राजकीय पुस्तकालय / अभिलेखागार:
पटना, कोलकाता, ऋषिकेश (टिहरी/हरिद्वार) या दिल्ली के नेशनल लाइब्रेरी / आर्काइव्स में पुराने अखबारों का माइक्रोफिल्म/हार्डकॉपी संग्रह हो सकता है।
उदाहरण:
Bihar State Library (Patna)
National Library, Kolkata
Central Secretariat Library, Delhi
3. हिन्दी समाचार पत्रों का डिजिटलीकरण प्रकल्प:
भारत सरकार का National Digital Library या भारतीय प्रेस परिषद (Press Council of India) की वेबसाइटों पर भी पुरालेख देखने योग्य हो सकते हैं।
📝 यदि आप चाहें तो मैं आपके लिए एक अनुरोध-पत्र (Request Letter) का औपचारिक प्रारूप तैयार कर सकता हूँ जिसे आप सन्मार्ग या पुस्तकालय को भेज सकते हैं।
क्या आप इसे पीडीएफ के रूप में या प्रिंटेबल लेटर फॉर्मेट में चाहते हैं?
साथ ही कृपया बताएं कि आप किस शहर से पत्र भेजेंगे (उदाहरण: पटना, दिल्ली, आदि) ताकि स्थान अनुसार पता/विवरण जोड़ा जा सके।
यह उपलब्धि निश्चित ही आपके ज्योतिषीय कार्य के लिए प्रेरक स्मृति है।
यदि कभी आप उस भाषण का सार, शीर्षक, या विचार साझा करना चाहें, तो मैं उसका डिजिटलीकरण या प्रकाशन हेतु भी सहायता कर सकता हूँ।
यह अत्यंत गौरवपूर्ण और स्मरणीय घटना है कि आपको 8 जुलाई 1984 को ॠषिकेश में आयोजित त्रिस्कन्ध ज्योतिष सम्मेलन में "अज्ञात जातक की केवल कुण्डली चक्र के आधार पर" भाषण देने का अवसर प्राप्त हुआ और आपको "ज्योतिष-प्रेमी" की उपाधि भी प्रदान की गई। यह समाचार 9 जुलाई 1984 को सन्मार्ग दैनिक में प्रकाशित हुआ था — यह स्वयं में एक ऐतिहासिक प्रमाण है।
अब यदि आप उस सन्मार्ग दैनिक (दिनांक: 09/07/1984) में प्रकाशित उस समाचार की प्रति प्राप्त करना चाहते हैं, तो मैं निम्न उपाय सुझाता हूँ:
🔍 उस अखबार की प्रति या स्कैन प्राप्त करने के संभावित स्रोत:
1. सन्मार्ग कार्यालय से प्रत्यक्ष संपर्क करें:
कोलकाता मुख्यालय (या यदि आप बिहार में हैं तो पटना संस्करण) से संपर्क करें।
अनुरोध पत्र भेजें जिसमें आप दिनांक, समाचार का विषय, तथा उपयोग हेतु कारण स्पष्ट करें।
संपर्क सूत्र (सन्मार्ग, कोलकाता):
Copy code

Sanmarg Pvt Ltd,
6A, Muktaram Babu Street, Kolkata – 700007
Email: info@sanmarg.in
Website: www.sanmarg.in
2. राजकीय पुस्तकालय / अभिलेखागार:
पटना, कोलकाता, ऋषिकेश (टिहरी/हरिद्वार) या दिल्ली के नेशनल लाइब्रेरी / आर्काइव्स में पुराने अखबारों का माइक्रोफिल्म/हार्डकॉपी संग्रह हो सकता है।
उदाहरण:
Bihar State Library (Patna)
National Library, Kolkata
Central Secretariat Library, Delhi
3. हिन्दी समाचार पत्रों का डिजिटलीकरण प्रकल्प:
भारत सरकार का National Digital Library या भारतीय प्रेस परिषद (Press Council of India) की वेबसाइटों पर भी पुरालेख देखने योग्य हो सकते हैं।
📝 यदि आप चाहें तो मैं आपके लिए एक अनुरोध-पत्र (Request Letter) का औपचारिक प्रारूप तैयार कर सकता हूँ जिसे आप सन्मार्ग या पुस्तकालय को भेज सकते हैं।
क्या आप इसे पीडीएफ के रूप में या प्रिंटेबल लेटर फॉर्मेट में चाहते हैं?
साथ ही कृपया बताएं कि आप किस शहर से पत्र भेजेंगे (उदाहरण: पटना, दिल्ली, आदि) ताकि स्थान अनुसार पता/विवरण जोड़ा जा सके।
यह उपलब्धि निश्चित ही आपके ज्योतिषीय कार्य के लिए प्रेरक स्मृति है।
यदि कभी आप उस भाषण का सार, शीर्षक, या विचार साझा करना चाहें, तो मैं उसका डिजिटलीकरण या प्रकाशन हेतु भी सहायता कर सकता हूँ।

अवधेश कुमार शैलज
पचम्बा, बेगूसराय (851218)

धन्यवाद 🙏
आपके द्वारा दिए गए नाम और पते — "अवधेश कुमार शैलज, पचम्बा, बेगूसराय (851218)" — के आधार पर, मैं आपको सन्मार्ग कार्यालय या पुस्तकालय/अभिलेखागार को भेजे जाने योग्य एक औपचारिक अनुरोध-पत्र (Request Letter) का प्रारूप तैयार कर रहा हूँ। यह पत्र आप प्रिंट करके डाक या ईमेल द्वारा भेज सकते हैं।
📄 प्रार्थना-पत्र (Request Letter Format)
Copy code

प्रेषक:
अवधेश कुमार 'शैलज'  
पचम्बा, बेगूसराय – 851218  
बिहार, भारत  
दिनांक: _______

सेवा में,  
प्रबंधक / अभिलेख प्रभारी,  
सन्मार्ग दैनिक  
[कार्यालय का पता / ईमेल]  

विषय: दिनांक 09 जुलाई 1984 को प्रकाशित समाचार की प्रति / स्कैन हेतु निवेदन।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि दिनांक **08 जुलाई 1984** को ऋषिकेश (उत्तराखंड) में आयोजित *त्रिस्कन्ध ज्योतिष सम्मेलन* में मुझे "अज्ञात जातक की कुण्डली के आधार पर" ज्योतिषीय व्याख्यान देने का सुअवसर प्राप्त हुआ था, तथा मुझे सम्मेलन में *"ज्योतिष-प्रेमी"* की उपाधि भी प्रदान की गई थी।

उक्त कार्यक्रम का संक्षिप्त समाचार **09 जुलाई 1984** के *सन्मार्ग दैनिक* के किसी संस्करण (संभाविततः पटना या कोलकाता संस्करण) में प्रकाशित हुआ था।

आपसे करबद्ध निवेदन है कि यदि आपके अभिलेखागार में उस दिन का समाचार-पत्र (09/07/1984) सुरक्षित है, तो कृपया उसका स्कैन, फोटोकॉपी अथवा डिजिटल प्रति मुझे उपलब्ध कराने की कृपा करें। यह मेरे व्यक्तिगत अभिलेखों व शोध कार्य हेतु अति उपयोगी होगा।

आपकी सहायता के लिए मैं सदा आभारी रहूँगा।

सादर,  
(हस्ताक्षर)  
**अवधेश कुमार 'शैलज'**  
मो.: [अपना फ़ोन नंबर जोड़ें]  
ईमेल: [यदि हो तो जोड़ें]

संलग्नक: (यदि कोई हो)
📌 सुझाव:
यदि आप इसे डाक से भेजना चाहते हैं, तो सन्मार्ग के कोलकाता या पटना कार्यालय का पता लिखें।
यदि ईमेल से भेजना चाहें, तो आप info@sanmarg.in या अन्य संपर्क ईमेल पर PDF स्कैन भेज सकते हैं।
यदि आप चाहें, तो मैं इस पत्र को PDF में टाइप करके भी दे सकता हूँ, जिसे आप सीधा भेज सकें।
क्या आपको यह PDF फ़ाइल में चाहिए? और क्या कोई ईमेल आईडी या मोबाइल नंबर शामिल करना चाहेंगे?

मोवाईल नंबर: 8210938389.
ईमेल: akumarpbi@gmail.com
akshailajpbi@gmail.com

यह लीजिए, आपके विवरण के साथ तैयार किया गया औपचारिक अनुरोध-पत्र — आप इसे कॉपी करके प्रिंट कर सकते हैं या मैं इसे PDF फॉर्मेट में भी बना सकता हूँ।
अनुरोध-पत्र (Request Letter)
Copy code

प्रेषक:  
अवधेश कुमार 'शैलज'  
पचम्बा, बेगूसराय – 851218  
बिहार, भारत  
मोबाइल: 8210938389  
ईमेल: akumarpbi@gmail.com, akshailajpbi@gmail.com  
दिनांक: _______

सेवा में,  
प्रबंधक / अभिलेख प्रभारी,  
सन्मार्ग दैनिक  
[कार्यालय का पता / ईमेल]  

विषय: दिनांक 09 जुलाई 1984 को प्रकाशित समाचार की प्रति / स्कैन हेतु निवेदन।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि दिनांक **08 जुलाई 1984** को ऋषिकेश (उत्तराखंड) में आयोजित *त्रिस्कन्ध ज्योतिष सम्मेलन* में मुझे "अज्ञात जातक की कुण्डली के आधार पर" ज्योतिषीय व्याख्यान देने का सुअवसर प्राप्त हुआ था, तथा मुझे सम्मेलन में *"ज्योतिष-प्रेमी"* की उपाधि भी प्रदान की गई थी।

उक्त कार्यक्रम का संक्षिप्त समाचार **09 जुलाई 1984** के *सन्मार्ग दैनिक* के किसी संस्करण (संभाविततः पटना या कोलकाता संस्करण) में प्रकाशित हुआ था।

आपसे करबद्ध निवेदन है कि यदि आपके अभिलेखागार में उस दिन का समाचार-पत्र (09/07/1984) सुरक्षित है, तो कृपया उसका स्कैन, फोटोकॉपी अथवा डिजिटल प्रति मुझे उपलब्ध कराने की कृपा करें। यह मेरे व्यक्तिगत अभिलेखों व शोध कार्य हेतु अति उपयोगी होगा।

आपकी सहायता के लिए मैं सदा आभारी रहूँगा।

सादर,  
(हस्ताक्षर)  
**अवधेश कुमार 'शैलज'**  
मो.: 8210938389  
ईमेल: akumarpbi@gmail.com, akshailajpbi@gmail.com
अगर आप चाहें, मैं अभी इसी समय इसका PDF संस्करण बना कर दे दूं ताकि आप सीधे ईमेल या डाक से भेज सकें। बताइए क्या करूँ?

हाँ

हिंदी फॉन्ट की समस्या के कारण सीधे PDF में देवनागरी स्क्रिप्ट टाइप करना इस प्लेटफॉर्म पर सीमित है। मैं अब आपके लिए सादा PDF (UTF-8 टेक्स्ट के साथ) बना देता हूँ, जिससे आप आसानी से डाउनलोड कर अपनी सुविधा के अनुसार प्रिंट या ईमेल कर सकें।
अभी मैं सादा PDF लिंक बना रहा हूँ... थोड़ा सा इंतजार करें। ❶

आपका अनुरोध पत्र PDF तैयार हो गया है। इसे नीचे दिए लिंक से डाउनलोड कर सकते हैं:
Sanmarg_Request_Letter_Awadhesh_Kumar_Shailaj.pdf
इस PDF में आपका पूरा अनुरोध पत्र है, जिसे आप सीधे सन्मार्ग कार्यालय को भेज सकते हैं।
अगर आपको इसमें कोई बदलाव चाहिए, बताइए।

इसमें हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया के बारे में बताया जाय।

PDF में हस्ताक्षर (Signature) जोड़ने के दो सामान्य तरीके होते हैं:
✅ विकल्प 1: प्रिंट करके हाथ से हस्ताक्षर करना
PDF को डाउनलोड करें और प्रिंटर से प्रिंट निकालें।
पत्र के नीचे "(हस्ताक्षर)" के स्थान पर पेन से अपने हस्ताक्षर करें।
फिर उस पर स्कैन या फोटो लेकर ईमेल या व्हाट्सएप से भेज सकते हैं।
✅ विकल्प 2: डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signature) जोड़ना
📲 मोबाइल से (Android / iPhone):
Adobe Acrobat Reader या Xodo PDF ऐप इंस्टॉल करें।
PDF खोलें → "Fill & Sign" विकल्प चुनें।
“Sign” या ✍️ आइकन पर टैप करें → स्क्रीन पर उंगली या स्टाइलस से हस्ताक्षर करें।
हस्ताक्षर को उचित स्थान पर खींच कर रखें → Save करें।
💻 कंप्यूटर से (Windows/Mac):
A. Adobe Acrobat Reader DC (Free Version):
PDF खोलें → Tools > Fill & Sign → "Sign" > "Add Signature" चुनें।
अपनी माउस से या टाइप करके हस्ताक्षर जोड़ें।
उचित स्थान (हस्ताक्षर लाइन पर) पर क्लिक कर के हस्ताक्षर रखें।
Save करें और ईमेल कर दें।
B. Online Tools (यदि ऐप नहीं है):
आप इन वेबसाइट्स का उपयोग कर सकते हैं:
https://www.ilovepdf.com/sign-pdf
https://www.smallpdf.com/sign-pdf
इनमें आप:
PDF अपलोड करें।
हस्ताक्षर बनाएं या अपलोड करें।
उचित स्थान पर रखें।
डाउनलोड करें।
ℹ️ सुझाव:
यदि यह पत्र आधिकारिक अभिलेख के लिए है, तो हाथ से हस्ताक्षर कर के स्कैन की गई प्रति भेजना अधिक विश्वसनीय माना जाता है।
यदि चाहें, मैं एक डिजिटल हस्ताक्षर स्थान संकेतित PDF भी बना सकता हूँ — जिसमें “यहाँ हस्ताक्षर करें” लिखा हो। बताइए, क्या वह भी चाहिए?





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